दादी जानकी करेंगे जामठा में ब्रह्मकुमारीज के विश्व शांति सरोवर का 23 को लोकार्पण

103 वर्षीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी दादी जानकी जी की उपस्थिति

नागपुर : शहर के जामठा में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से “विश्व शांति सरोवर” का निर्माण किया गया है जिससे शांति की क्रांति होगी। विश्व शांति सरोवर का उद्घाटन 23 सितंबर को सुबह 10.30 बजे होगा।

सरोवर के शुभारंभ पर 103 वर्षीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारीज दादी जानकी का दिव्य जामठा में ब्रह्मकुमारीज के विश्व शांति सरोवर का 23 को लोकार्पणसंबोधन होगा। विश्व शांति सरोवर का उद्घाटन ब्रह्माकुमारी मुख्य प्रशासिका, माउंट आबू राजस्थान की राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी दादी जानकी, पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, पर्यटन राज्यमंत्री मदन येरावार, माउंट आबू की वरिष्ठ राजयोगी शिक्षिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उषा दीदी, महाराष्ट्र, आंध्र व तेलंगाना की क्षेत्रीय निर्देशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी संतोष दीदी, हैदराबाद के शांति सरोवर की संचालिका ब्रकु. कुलदीप बहन, माउंट आबू मुख्यालय के युवा प्रभाग के संयोजक ब्रह्माकुमार आत्मप्रकाश भाई आदि उपस्थित रहेंगे।

राजयोगिनी दादी जानकी
राजयोगिनी दादी जानकी

नागपुर सेवा केंद्रों की संचालिका ब्रह्माकुमारी रजनी दीदी ने कहा कि विश्व शांति सरोवर द्वारा मूल्यों पर आधारित समाज निर्माण का सपना विदर्भ क्षेत्र निर्देशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी पुष्पारानी दीदी ने देखा था, वह स्वप्न साकार होने जा रहा है। लगभग 1 लाख 11 हजार 500 वर्गफीट में निर्मित भव्य विश्व शांति सरोवर में आत्मउन्नति, गहन योगाभ्यास, मौन तपस्या कार्यक्रम, प्रबोधनात्मक व्याख्यान समाज के सभी वर्गों के लिए नि:शुल्क होंगे।

जामठा में ब्रह्मकुमारीज के विश्व शांति सरोवर का 23 को लोकार्पण

आज के तनाव और भागदौड़ भरे जीवन में मन को सच्ची शांति की अनुभूति कराने के उद्देश्य से विश्व शांति सरोवर में मूल्य एवं आतंरिक शक्तियों के विकास के लिए उच्चस्तरीय शिक्षा देने हेतु भव्य सभागृह, आध्यात्मिक आर्ट गैलरी, आध्यात्मिक लेजर शो, आध्यात्मिक साहित्य विभाग, मेडिटेशन रूम, सेमिनार हॉल, भव्य लॉन का निर्माण किया गया है। इससे परिसर में अनोखे आध्यात्मिक वातावरण की अनुभूति होगी।

विश्वशांति सरोवर के माध्यम से समाज के लिए विविध सेवाएं प्राप्त होंगी जिसमें प्रमुख रूप से राजयोग शिविर, व्यसनमुक्ति शिविर, महिला सशक्तिकरण, बालविकास शिविर, युवा उत्थान कार्यक्रम, तनावमुक्त शिविर का समावेश रहेगा। इसी तरह विभिन्न सम्मेलन, चर्चासत्र संगोष्ठी, परिषद शिविर, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि नियमित रूप से होंगे।

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